ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 101"
आन्या रोते हुए बस मेरी बच्ची मेरी बच्ची बड़बड़ाये जा रही थी तभी एक नर्स अपने हाथ मे बच्ची को लेकर आई और उन दोनो को ऐसे देखा तो वो सोच मे पड़ गई उसे लगा आन्या को दर्द हो रहा है तो उनके पास आकर पालने मे बेबी को लिटाते हुए बोली
नर्स :- मेम क्या हुआ आप को कही दर्द हो रहा है क्या मै डॉक्टर को बुला.......
नर्स आगे कुछ कहती की तभी आन्या जो राहुल के गले लगी रो रही थी वो बच्ची के रोने की आवाज सुन देखती है, बेबी को अपने सामने देख वो जल्दी से राहुल से अलग होकर बेड से ऊपर गई जिससे उसके स्टीचेस खींच गये और एक दर्द की लहर दौड़ गई पर आन्या ने उस दर्द को इग्नोर कर बेबी को अपनी गोद मे उठाया और उसे गले लगाकर उसके चेहरे पर चूमने लगी, उसकी आँखों से फिर से आँशु बहने लगे थे, नर्स उसे देख हैरान हो गई और उसने राहुल की तरफ देखा तो राहुल आन्या और लिटिल आन्या को देख मुस्कुरा रहा था, उसने अब नर्स की तरफ देखा और बोला
राहुल :- सिस्टर बेबी को आप ले गई थी तो हमे आपने बताया क्यू नही, आप जानती नही है क्या की कभी कभी माँ बच्चे को ना देख पैनिक करने लगती है स्पेशली तब जब बेबी उन्हे अपनी अपर खेल कर मिले
नर्स ( अपना सर नीचा कर ) :- आय एम सॉरी डॉक्टर, वो दरअसल जब मै यहां आई थी तब आप और मेम दोनो ही यहां नही थे, मेम शायद तब वॉशरूम गई थी, उस टाइम बेबी ने अपने कपड़े गंदे कर दिये थे इसलिए मै उसे लेकर चली गई
राहुल :- इट्स ओके लेकिन आगे से ऐसा नही होना चाहिए, सिर्फ आन्या ही नही बाकी पेरेंट्स के साथ भी क्युकी बेबी अगर दो मिनट के लिए उनके माँ बाप की नज़रो से दूर होता है तो पेरेंट्स बेचैन हो जाते है, आप वो एक माँ है तो आप ये बात अच्छे से समझ सकती है
नर्स राहुल की बात समझ रही थी क्युकी उसका वो एक बेटा था ओट वो उसे छोड़ हॉस्पिटल मे काम कैसे करती थी ये वो अच्छे से जानती थी क्युकी एक माँ के लिये बेबी से बढ़कर कुछ नही होता है वो खुद भी नही तभी तो अपनी जान पर खेल कर भी उसे जन्म देती है बिना अपने दर्द की परवाह किये ।
वो नर्स वहा से चली गई तो राहुल ने आन्या को बेड पर बिठाया और बेबी के साथ खेलने लगा, उसने आन्या को पेनकिलर दे दी थी जिससे दर्द ना हो और वो उन दोनो से मुस्कुराते हुए बात करने लगा जो उसकी ज़िंदगी का अनमोल हिस्सा था ।
वही साकेत प्रिया के साथ हॉस्पिटल से बाहर आया और प्रिया को कार मे बिठाया और उससे मै अभी आया बोलकर वापस हॉस्पिटल मे रिसेप्शन की तरफ जाते हुए सोचने लगा
साकेत :- वो जरूर आन्या थी जिसे मैने उस रूम मे देखा था, उसे हमने कहा कहा नही देखा और वो यहां हॉस्पिटल मे है लेकिन वो हॉस्पिटल मे क्या कर रही है पता करना पड़ेगा
साकेत रिसेप्शन पर जाकर बोला
साकेत :- एक्सक्यूज़ मी सिस्टर आप मुझे बता सकती है रूम नंबर 109 के पेशेंट को क्या हुआ है
सिस्टर ने अजीब नजर से साकेत को देखा तो साकेत ने इधर उधर देख चुपके से उस नर्स को कुछ पैसे दिये तो उस रिसेप्शनिस्ट ने उसे सब बता दिया ।
साकेत नर्स की बात सुन हैरान हो गया ओर वो खुद से बोला
साकेत :- मतलब वो मेरे बच्चे की माँ बनकर बैठी है ओर हमे ही नही पता ये तो गलत बात है आन्या बेबी अब तो हमारा मिलना ओर भी जरूरी हो गया है जल्द ही मुलाक़ात करनी होगी
साकेत कुटिल मुस्कुराहट चेहरे पर लिए प्रिया के साथ हॉस्पिटल से निकल गया, ओर राहुल ओर आन्या अपनी लिटिल आन्या के साथ आने वाले तूफ़ान से अंजान की अब जल्दी ही उनकी दुनिया मे एक भयंकर तूफ़ान आने वाला है वो लोग खुश थे
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शिमला,,,,,,,,,,
किआरा एक सीक्रेट जगह पहुंची जहा उसके और साथी मौजूद थे, उन सबके कुछ देर डिसकस किया और फिर किआरा बोली
किआरा :- एजेंट्स तो तय रहा हम वहा पर दो ग्रुप मे और बंजारों और फकीरो की टोली बनाकर जाएंगे और सभी ध्यान रखियेगा सभी को अपना लूक ऐसा करना है की आप खुद ही खुद को ना पहचान पाए गोट इट
सभी ने हाँ मे सर हिलाया, वो सभी इस बक्त 10 लोग थे, उन लोगो ने पांच पांच का ग्रुप बनाया, एक ग्रुप बंजारों का रोल करने वाला था और दूसरा ग्रुप फकीरो का, किआरा के साथ, निशा, राजेश, रजनी अक्षय था, उन लोगो ने डिसाइड किया की राजेश और निशा जो की रियल मे हस्बैंड वाइफ है वो हस्बैंड वाइफ ही बनेंगे, रंजनी निशा की बहन और अक्षय रजनी का मंगेतर और किआरा राजेश की बहन बनेगी, वो सब अपनी प्लानिंग करके शाम को अपने मिशन के लिए निकल गये
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वही इवान अपने होटल मे बैठा हुआ अभी भी काम कर रहा था तभी उसे एक कॉल आया, वो कॉल उसके एक दोस्त का था जो शिमला मे रहता था, इवान ने कॉल उठाया
इवान :- हाय विशाल कैसे हो
विशाल :- मै तो ठीक हु इवान लेकिन लगता है तु मुझे भूल गया है तभी तो तुझे मेरी याद ही नही आती
इवान :- ऐसा नही है यार बस काम मे बिजी रहता हु
विशाल :- अच्छा छोड़ ये सब और बता तु केसा और कहा है
इवान :- मै तो ठीक हु और अभी शिमला मे हु
विशाल ( हैरानी से ) :- तु सच मे शिमला मे है और मुझे बताया वो नही जबकी तु अच्छे से जानता है मै यही रहता हु
इवान :- ऐसा नहीं है यार विशाल मै तो यहां बस एक मीटिंग के लिए आया था
विशाल :- वो सब तो ठीक है पर मै कुछ नही जानता तु बस मुझसे मिलने मेरे घर आ रहा है इट्स फाइनल और मै अब कुछ नही सुनना चाहता
इवान ने कुछ कहने की कोशिश की पर विशाल ने एक ना सुनी तो इवान ने हार कर उसकी बात मान ली, और उससे रात को मिलने की बोलकर कॉल कट कर दिया, इवान ने अपना काम कम्पलीट किया और फिर तैयार होकर विशाल से मिलने चला गया, विशाल ने उसे एक एड्रेस दिया था जब इवान वहा पहुचा तो हैरान हो गया क्योकि वो एक डिस्को बार था, वही इवान को विशाल खड़ा दिख गया जो किसी लड़की के साथ खड़ा था, उसका एक हाथ उस लड़की की कमर मे था तो दूसरा उसकी जीन्स की पॉकेट मे, एक ओर लड़की वही उस लड़की के साइड मे खड़ी थी
विशाल की नजर जब इवान पर पड़ी तो वो उसे आवाज देते हुए बोला
विशाल :- हे इवान.... यहां
इवान उनके पास आया तो विशाल ने इवान को अपने गले से लगा लिया, इवान भी उससे मुस्कुराकर मिला ओर बोला
इवान :- विशाल इतने टाइम मे तुम तो काफी बदल गये हो
विशाल ( हसकर ) :- हा भाई तु भी तो बदल गया है देख पहले से भी ज्यादा हैंडसम हो गया है😉
इवान विशाल की बात सुन मुस्कुरा दिया ओर बोला :- विशाल यहां... पर तुमने तो घर....
इवान आगे कुछ कहता उससे पहले ही विशाल बोला
विशाल :- अरे इवान मेने तो घर ही सोचा था पर सुजी ने कहा की क्यू ना यहां चलते है तुम यहां के डिस्को भी घूम लोगे ओर हम मिल भी लेंगे
इवान ने नासमझी से विशाल को देखा जैसे पूछ रहा हो कौन सुजी तो विशाल अपने साइड खड़ी लड़की की तरफ इशारा कर बोला
विशाल :- इवान इनसे मिलो ये है सुजी मेरी गर्लफ्रैंड ओर ये है ( सुजी के बगल मे खड़ी लड़की की तरफ इशारा कर ) टिआसा सुजी की फ्रैंड, सुजी टिआसा ये है इवान मेरा कॉलेज फ़्रेंड
इवान ने दोनो को देख हाय कहा तो बदले मे उन दोनो ने भी उसे हाय कहा, टिआसा बस एक टक इवान को घूरे जा रही थी जिसे इवान ने भी महसूस कर लिया था, वो थोड़ा अनकम्फर्टेबल फील कर रहा था, विशाल उन्हे अपने साथ अंदर ले गया ओर एक जगह जाकर वो सब चेयर्स पर बैठ गये, विशाल ने सबसे उनका ऑर्डर पूछा तो सुजी ने वाइन और टिआसा ने वोडका ऑर्डर करवाया, विशाल ने जब इवान से पूछा तो उसने बस सॉफ्ट ड्रिंक ऑर्डर करने को कहा क्युकी उसे ड्रिंक करना पसंद नही था, वैसे भी इवान का वहां इतने शोर मे मन नही लग रहा था, ऊपर से लाउड म्यूजिक उसका सर दर्द होने लगा था पर वो वहा से उठकर जा भी नही सकता था वरना विशाल को बुरा लगता, उन सबका जब ऑर्डर आ गया तो सब चेयर्स कर अपनी अपनी ड्रिंक पीने लगे, विशाल और सुजी अपनी ड्रिंक ख़त्म कर डांस फ्लोर पर चले गये और वहा डांस करने लगे, उन दोनो के जाने के बाद इवान और टिआसा वहा अकेले बैठे थे, टिआसा वहा से उठकर बार काउंटर पर गई और एक वोडका और सॉफ्ट ड्रिंक का ऑर्डर दिया, बेटर ने जब उसका ऑर्डर उसके सामने रखा तो टिआसा ने अपने ग्लास की वोडका थोड़ी सी उस सॉफ्ट ड्रिंक वाले ग्लास मे मिला दी और मुस्कुराकर वापस टेबल अपर आई और टेबल पर वो ग्लास रखते हुए बोली
टिआसा :- हे इवान तुम यहां बिज़नेस मीटिंग के लिए आये हो
इवान ने हा मे सर हिलाया और विशाल की तरफ देखा, इसका फायदा उठाकर टिआसा ने इवान के ग्लास को दूसरे ग्लास से बदल दिया, इवान ने बिना उस ग्लास पर ध्यान दिये सॉफ्ट ड्रिंक पीने लगा पर उसे उसका टेस्ट कुछ अजीब लगा पर उसने ध्यान नहीं दिया, टिआसा उससे ऐसे ही बात करने की कोशिश करते हुए आगे बोली
टिआसा :- आर यू सिंगल
इवान :- नो आय एम मैरिड, और मेरे दो बच्चे भी है
टिआसा इवान की शादी और बच्चे की बात सुन हैरान हो गई क्युकी उसे इवान सिंगल ही लगा था क्युकी वो इतना हैंडसम था की कोई भी ये अंदाजा नही लगा सकता था वो मैरिड है, वो अभी भी यंग दिखता था ।
तिआसा ने उस बात को इग्नोर किया और फिर कुछ नही बोली, उसने अपनी हिल्स निकाली और अपने पेरो को इवान के पेरो पर चलाने लगी, इवान एक दम से चिहुक गया और उसने हैरानी टिआसा की तरफ देखा तो टिआसा ने एक स्माइल पास कर दी, इवान ने जल्दी से अपने पर दूर कर लिए अब उसे बहुत ही ज्यादा असहज महसूस कर रहा था, क्युकी अब उसका सर थोड़ा थोड़ा भारी महसूस हो रहा था ऊपर से टिआसा की हरकते, बची कुची कसर वहा चल रहा म्यूजिक कर रहा था जो कुछ ज्यादा ही रोमांटिक था
ज़रा ज़रा बेहकता है… महकता है
आज तो मेरा तन बदन… मैं प्यारी हूं
मुझे भर ले… अपनी बहन में…
जरा ज़रा बेहकता है… महकता है
आज तो मेरा तन बदन… मैं प्यासी हूं
मुझे भर ले… अपनी बहन में…
है मेरी … कसम तुझको सनम… दूर कहीं ना जा… ये दूर
कहती हैं… पास मेरे आजा रे… यूही
बरस बरस… काली घटा बरसे
हम यार भीगे … तो इसी ख्वायिश में… सर्दी की रातों में… हम सोए रहे एक चादर में हम दोनो तन्हा हो… ना कोई भी रहे इस घर में… जरा जरा बेहता है… महकता है आज तो मेरा तन बदन… मैं प्यारा हूं
मुझे भर ले… अपनी बहन में…
आजा रे आ रे…
[बीजीएम]
तड़पे मुझे तेरी सभी बातें…
एक बार ऐ दीवानी… झूठा ही सही प्यार तो कर…
मैं भूली नहीं हसीन मुलकातें… बेचैन करके मुझे
… मुझसे यूं ना फिर…
रूठेगा ना मुझसे… मेरे साथियां ये वादा कर…
तेरे बिना मुश्किल है…. जीना मेरा मेरे दिल में…
जरा जरा बेहकता है… महकता है
आज तो मेरा तन बदन… मैं प्यारी हूं
मुझे भर ले… अपनी बहन में…
है मेरी कसम तुझे सनम… दूर कहीं ना जा… ये दूर
कहती हैं… पास मेरे आज रे ...
आजा रे ... आजा रे ... आजा रे ... आजा रे .
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जब उसे हद से ज्यादा बेचैनी होने लगी तो वो वहा से बाहर निकल आया, टिआसा भी उसके पीछे पीछे आ गई, वो जल्दी से आगे बढ़ी और इवान का हाथ पकड़ बोली
टियासा :- हे इवान कहा चले तुम
इवान जिसे अब थोड़ा थोड़ा नशा होने लगा था और उसे इस बक्त अपना सर घूमता सा नजर आ रहा था वो टिआसा का हाथ झटकते हुए बोला
इवान :- द... दूर रहो मुझसे मै... मुझे होटल जाना है
इतना बोलकर इवान आगे बढ़ गया पर उसके कदम लड़खड़ा गये क्युकी नशे के कारण वो ठीक से चल नही पा रहा था, टिआसा जल्दी से उसके पास गई और बोली
टिआसा :- इवान सुनो तुम्हारी तबियत ठीक नही है और तुम इस बक्त अकेले जाने की हालत मे नही हो, रुको मै तुम्हे तुम्हारे होटल ड्राप कर देती हु ओके
इवान को टिआसा की ये बात ठीक लगी क्युकी सच मे इवान को इस बक्त कुछ समझ नही आ रहा था की उसे जाना कहा है लेकिन वो टिआसा से बोला
इवाम :- ठीक है मै... मै तुम्हारे साथ चलने के लिए तैयार हु पर म... मेरी एक शर्त है तुम... तुम मुझे टच नही करोगी, मुझसे ( टिआसा से दो कदम दूर जाते हुए ) इतना दूर रहोगी
टिआसा :- ओके मुझे तुम्हारी सारी शर्ते मंजूर है चलो अब आओ मेरे साथ मेरी कार मे चलेंगे ओके
इवान ने ओके कहा और वो दोनो ही कार मे बैठे और टिआसा ने कार इवान के होटल की तरफ बढ़ा दी, होटल के पार्किंग मे उसने कार पार्क की और इवान को संभाल कर होटल के अंदर ले गई और रिसेप्शनिस्ट से इवान के रूम की चाबी मांगी तो उस रिसेप्शनिस्ट ने चाबी आगे कर दी पर टिआसा उसे उठा पाती उससे पहले ही इवान ने उसे उठाकर अपनी पॉकेट मे रखा और कहा
इवान :- मे... मेरे रूम की चाबी मै रखूँगा
टिआसा ने इस बक्त इवान से बहस करना जरूरी नही समझा और वो रिसेप्शनिस्ट को एल स्माइल देकर इवान के साथ लिफ्ट की ओर बढ़ गई, वो लोग इवान के फ्लोर पर आये तो अचानक वहा की लाइट चली गई क्युकी बाहर बहुत तेज़ बारिश होने लगी थी, लाइट जैसे ही गई टिआसा का हाथ अंधेरे इवान से झूठ गया पर जल्दी ही उसने उसका हाथ पकड़ा ओर उसे एक रूम मे ले गई, वहा जाकर उसने जल्दी से इवान को बेड पर लिटाया फिर वो उसके ऊपर आकर किस करने लगी, बदले मे इवान ने उसे झटके से अपने नीचे किया ओर उसके ऊपर आकर टिआसा को किस करने लगा, टिआसा ये देख मुस्कुरा दी ओर मन मे बोली
टिआसा :- अरे वाह ये इवान तो मेरे सिर्फ एक किस से ओर थोड़ी सी बोडका से इतना बहक गया की अभी कुछ देर पहले टक मेरा हाथ झटक रहा था ओर अब खुद मेरे करीब आ रहा है, चलो अच्छा है अब मुझे आसानी होगी
इतना सोचकर टिआसा भी उसका साथ देने लगी, कुछ ही देर मे उन दोनो के कपड़े उनके जिस्म से अलग नीचे पड़े हुए थे और वहा सिर्फ उनकी साँसो का शोर ही सुनाई दे रहा था
To be
continued.......................
आय एम सॉरी दोस्तों पार्ट लेट आने की बजह से, मै आपको कोई सफाई नही दूगी क्युकी आप सब समझ सकते है जब पड़ोस मे शादी हो ऊपर से वो आपके रिश्तेदार हो तो आप कितने बिजी होते है,
थैंक्यू मेरी नॉवेल पढ़ने के लिए आपको ये चेप्टर पसंद आये तो लाइक शेयर ओर कमेंट करके जरूर बताना केसा लगा पार्ट
Gunjan Kamal
28-Apr-2023 10:38 AM
शानदार भाग
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